मुंबई। बंबई हाईकोर्ट ने गुरुवार को अपने इस रुख को दोहराया कि वह भगोड़े कारोबारी विजय माल्या द्वारा दायर याचिका पर तब तक विचार नहीं करेगा, जब तक वह भारत वापस नहीं लौट आता। अदालत ने यह टिप्पणी माल्या की उस याचिका पर दी जिसमें उसने भगोड़े आर्थिक अपराधी अधिनियम (एफईओ) के प्रावधानों को चुनौती दी है। मुख्य न्यायाधीश चंद्रशेखर और न्यायमूर्ति गौतम अंखड की पीठ ने कहा कि माल्या को पहले यह स्पष्ट करना होगा कि वह भारत लौटेंगे या नहीं। अदालत ने कहा, ”आपको (माल्या) वापस लौटना होगा…अगर आप वापस नहीं आ सकते तो हम इस याचिका पर सुनवाई नहीं कर सकते।”
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