नई दिल्ली। चिकित्सक की पर्ची के बिना मिलने वाली दवाओं में शामिल पैरासिटामोल 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में आंत, हृदय और गुर्दे से संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। एक नये अध्ययन में यह दावा किया गया है।हल्के से मध्यम बुखार के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पैरासिटामोल, अस्थियों से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए भी चिकित्सक द्वारा परामर्श दी जाने वाली पहली दवा है क्योंकि इसे प्रभावी, अपेक्षाकृत सुरक्षित और सुलभ माना जाता है। हालांकि, दर्द निवारण में पैरासिटामोल की प्रभावशीलता पर कुछ अध्ययनों में सवाल उठाये गए हैं, जबकि अन्य अध्ययनों ने लंबे समय तक इसके उपयोग से पाचन तंत्र संबंधी दुष्प्रभावों, जैसे अल्सर और रक्तस्राव, के बढ़ते जोखिम को रेखांकित किया है।
Trending
- गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की संगत को बड़ी राहत मिली है, लखीशाह बंजारा हॉल के पास नए बाथरूम बनकर तैयार हैं।
- केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : दिव्यांगजन पेंशन के बदले नियम, अब 40% दिव्यांगता पर मिलेगी पात्रता, NSAP का नाम भी बदला
- Jio IPO: 30,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में रिलायंस, प्राइस बैंड तय; कर्मचारियों को हर शेयर पर छूट
- शारदीय नवरात्र का पांचवां दिन आज, जानें मां स्कंदमाता की महिमा, उनका स्वरूप पूजा का महत्व और तारकासुर वध की कथा
- PM Modi In Ladakh: लद्दाख को 3,350 करोड़ की सौगात, पीएम मोदी बोले – युवाओं की बेहतर शिक्षा पर हमारा फोकस
- प्रयागराज में CM योगी का राहुल गांधी पर तंज, बोले- आजादी के लिए सिर्फ नेहरू नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल
- Qaumi Patrika Hindi, 15 October 2026
- अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का 21 अक्टूबर से होगा आगाज, 24 देशों के कलाकारों की भागीदारी की उम्मीद

