महाकुंभनगर। सनातन संस्कृति और आस्था की प्राचीनतम् नगरी प्रयागराज बाबा लोकनाथ काशी के बाबा विश्वनाथ का प्रतिरूप हैं। लोकनाथ महादेव की प्राचीनता के बारे में सही तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता लेकिन यहां के पुजारी बताते हैं कि स्कंद पुराण के रेवा खण्ड और महाभारत के शांतिपर्व में बाबा लोकनाथ का वर्णन आता है।प्रयागराज के मुख्य बाजार चौक के प्रसिद्ध मोहल्ले लोकनाथ का नाम यहां स्थापित बाबा लोकनाथ के नाम पर पड़ा है। चार पीढ़ियों से बाबा लोकनाथ का पूजन कर रहे पुजारी गौरी शंकर पाण्डेय ने बताया कि पौराणिक मान्यता है कि समस्त पुरियों और तीर्थों के राजा होने कारण इन्हें तीर्थराज प्रयागराज कहा जाता है। बाबा लोकनाथ स्वयं भू शिवलिंग हैं और इनका वर्णन स्कंद पुराण के रेवा खण्ड में “वामदेव महादेव देव-देव सुरेश्वरः, लोकनाथ पाहि-पाहि प्राणनाथ कृपाकरः।“ के रूप में मिलता है।
Trending
- गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब की संगत को बड़ी राहत मिली है, लखीशाह बंजारा हॉल के पास नए बाथरूम बनकर तैयार हैं।
- केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : दिव्यांगजन पेंशन के बदले नियम, अब 40% दिव्यांगता पर मिलेगी पात्रता, NSAP का नाम भी बदला
- Jio IPO: 30,000 करोड़ जुटाने की तैयारी में रिलायंस, प्राइस बैंड तय; कर्मचारियों को हर शेयर पर छूट
- शारदीय नवरात्र का पांचवां दिन आज, जानें मां स्कंदमाता की महिमा, उनका स्वरूप पूजा का महत्व और तारकासुर वध की कथा
- PM Modi In Ladakh: लद्दाख को 3,350 करोड़ की सौगात, पीएम मोदी बोले – युवाओं की बेहतर शिक्षा पर हमारा फोकस
- प्रयागराज में CM योगी का राहुल गांधी पर तंज, बोले- आजादी के लिए सिर्फ नेहरू नहीं, मसुरियादीन पासी भी गए थे जेल
- Qaumi Patrika Hindi, 15 October 2026
- अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा का 21 अक्टूबर से होगा आगाज, 24 देशों के कलाकारों की भागीदारी की उम्मीद

