सोमवार की शाम को शुक्र और चंद्रमा का रोमांचक नजारा देखने को मिला। बादलों के छंटने के बाद चंद मिनटों के लिए यह खगोलीय घटना देखी जा सकी। यह ग्रहण जैसी ही घटना यानी अकल्टेशन कही जाती है, जो दक्षिण और पश्चिमी भारत में देखी गई।
सोमवार की शाम सायं करीब 6.30 बजे से इस घटना नैनीताल की वादियों से देख सकते थे, लेकिन बादलों के कारण करीब 6.40 से देखी जा सकी और कुछ मिनट बाद चंद्रमा और शुक्र ग्रह एक साथ अस्त हो गए।
आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान एरीज के वरिष्ठ खगोल वैज्ञानिक डा शशिभूषण पांडे के अनुसार यह रोमांचक खगोलीय घटना थी। इस घटना में सांझ के समय चन्द्रमा करीब 12 प्रतिशत नजर आ रहा था। इसके ठीक बगल में शुक्र ग्रह अनूठी छवि के साथ मौजूद था।
यह अद्भुत खगोलीय घटना थी, जो खगोल वैज्ञानिकों के लिए समय की गणना के लिहाज से उपयोगी मानी जाती है। जिसे लेकर काल गणना करने वाले वैज्ञानिकों ने इसका अध्ययन किया। इस घटना को लूनर अकल्टेशन आफ वीनस की घटना कहा जाता है।

