नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का सफल समापन हो गया। सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में संयुक्त बयान को मंजूरी और नई दिल्ली घोषणापत्र को माना जा रहा है। घोषणापत्र में भारत की प्राथमिकताओं और बदलती वैश्विक परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट संकेत और संदेश दिखाई दिए। इस दौरान दुनिया ने भारतीय कूटनीति की बढ़ती प्रभावशीलता भी देखी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान तीन दिनों में विभिन्न देशों के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों के साथ करीब 15 औपचारिक द्विपक्षीय बैठकें कीं। इसके अलावा उन्होंने कई वैश्विक नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रमुखों के साथ अलग से मुलाकात और अनौपचारिक बातचीत भी की। इस तरह ब्रिक्स सम्मेलन भारत के लिए केवल बहुपक्षीय विचार-विमर्श का मंच नहीं रहा, बल्कि कई देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर भी बना।

